🅰 पइका विद्रोह क्या है???

आज से 202 वर्ष पहले 1817 में ओडिशा राज्य के *खुर्दा में* सैनिकों का एक विद्रोह हुआ था जिसका *नेतृत्व - बक्शी जगबंधु (बिद्याधर महापात्र)* ने किया था। इस विद्रोह को पइका विद्रोह कहते हैं।

विद्रोह के कारण

• ओडिशा के पारम्परिक जमींदार सैनिकों को पइका कहा जाता था। जब 1803 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने इस राज्य के अधिकांश भाग को कब्जे में ले लिया तो खुर्दा के राजा का प्रभुत्व समाप्त हो गया और इसके साथ पइका जनों की शक्ति और प्रतिष्ठा में भी गिरावट आ गई। अंग्रेज़ लोग इन आक्रामक और योद्धा लोगों से चिंतित रहा करते थे और इसलिए इनको रास्ते पर लाने के लिए उन्होंने *वाल्टर एवर के अन्दर एक आयोग का गठन* किया।

• इस आयोग ने सुझाव दिया कि पइका जनों के पास जो लगान रहित पैत्रिक भूमि दी गई थी उसे ब्रिटिश शासन अपने कब्जे में ले ले। इस सुझाव का कठोरता से पालन किया जाने लगा। इस पर पइका लोगों ने विद्रोह कर दिया।

• इस विद्रोह के कुछ अन्य कारण भी थे, जैसे – नमक के मूल्य में वृद्धि, कर के भुगतान के लिए दी जाने वाली कौड़ी मुद्रा को समाप्त करना और भूमि लगान को वसूलने के लिए अपनाई गई शोषणकारी नीति।

• विद्रोह के आरम्भ में कंपनी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा, परन्तु मई 1817 तक विद्रोह को दबाने में सफल रही। कई पइका नेताओं को फाँसी दे दी गई अथवा देश निकाला दे दिया गया। आठ वर्षों के बाद जगबंधु ने भी 1825 में आत्मसमर्पण कर दिया।


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